31 वीक प्रेगनेंसी बेबी पोजीशन?HealthPlanet

Posted on Thu 6th Jun 2019 : 21:20

गर्भावस्था का 31वां सप्ताह - Pregnancy in 31st week in Hindi

सुनिए कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!

प्रेगनेंसी महीने से ⇨
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प्रेगनेंसी सप्ताह से ⇨
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जब से आप तीसरी तिमाही में प्रवेश करती हैं, तब से आपका और बच्चे का वज़न लगातार बढ़ रहा होता है। संतुलित आहार लेना (जिसमें कब्ज में फायदा पहुंचाने के लिए फाइबर अधिक मात्रा में होता है) और अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे पानी या जूस आदि पीना इस अंतिम चरण में महत्वपूर्ण होता है। अपने डॉक्टर के पास नियमित जांच के लिए जाती रहें और उनसे मन में उठ रहे सभी प्रश्न पूछें।
31वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव - Body changes in 31st week of pregnancy in Hindi
इकत्तीसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास - Baby development in 31st week of pregnancy in Hindi
इकत्तीसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड - 31st week of pregnancy ultrasound in Hindi
31वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स - Tips for 31 weeks pregnancy in Hindi
प्रेगनेंसी के इकत्तीसवें हफ्ते में डाइट - Diet in 31st week of pregnancy in Hindi

31वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव - Body changes in 31st week of pregnancy in Hindi

जैसे जैसे बच्चे का वजन बढ़ेगा, आपका भी बढ़ेगा। इस समय आपके गर्भाशय का दर्द ठीक होता है तो पीठ में दर्द का अनुभव हो सकता है। अधिकतर गर्भवती महिलाएं अब से लम्बे समय के लिए आराम से सो नहीं पाती हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में जितना संभव हो सके आराम करने की कोशिश करें जो आपके लिए अधिक आरामदायक होगा। आपको पेट या पीठ के बल नहीं सोना चाहिए। हालांकि इस समय के लिए एक विशेष प्रकार की प्रेगनेंसी तकिया आती है जो आपके पेट या पीठ के लिए सोते समय आरामदायक होती है। स्तनों में दुग्ध का उत्पादन होना शुरु हो जाता है और एक पीला, चिपचिपा पदार्थ जिसे कोलोस्ट्रम कहते हैं निकल सकता है। यह बिल्कुल सामान्य स्थिति है। हंसने, छींकने, खांसने पर अनजाने में मूत्र भी निकल सकता है और दुर्भाग्यवश यह होना भी सामान्य ही है। कीगल व्यायाम और पैड का उपयोग इस समय उपयोगी साबित हो सकते हैं।
इकत्तीसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास - Baby development in 31st week of pregnancy in Hindi

इस समय लम्बाई लगभग 15 इंच और वजन करीब 1.3 से 1.5 किलोग्राम तक हो जाता है। इस चरण पर बच्चा जन्म के समय होने वाले आकार का आधा होता है। चूंकि अब बच्चे में वसा एकत्रित होने लगती है इसलिए अब बच्चे का वज़न इन दो महीनों में अधिक तेजी से बढ़ेगा। पाचन तंत्र और फेफड़े लगभग परिपक्व हो जाते हैं और ठीक से कार्य करना भी शुरु कर देते हैं। कान पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं और बच्चा गर्भ के भीतर सब कुछ सुनने में भी सक्षम होता है। इस स्तर पर शिशु को मां का सांस लेना और दिल की धड़कन भी सुनाई देने लगती है। वो संगीत और दूसरों की आवाज सुन सकता है। इस समय बहुत अधिक शोर वाले माहौल से दूर रहने की कोशिश करें।
पैरों और हाथों के नाखून पूरी तरह से बन जाते हैं और गर्भ में उसके खुद के ही लग सकते हैं। इस बिंदु पर एम्नियोटिक द्रव (Amniotic fluid) बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिशु इसे निगल (swallow) लेता है और एक दिन में लगभग आधा लीटर तक मूत्र द्वारा निकाल भी देता है। यदि थैली (Sac) में बहुत अधिक एम्नियोटिक द्रव है तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपका बच्चा निगलने की क्रिया ठीक से नहीं कर पा रहा है। उसे पेट सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं। बहुत कम एम्नियोटिक द्रव होने पर बच्चा ठीक से पेशाब भी नहीं कर पाता है अर्थात उसे किडनी सम्बन्धी समस्या भी हो सकती है।
इकत्तीसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड - 31st week of pregnancy ultrasound in Hindi

31वें हफ्ते के अल्ट्रासाउंड में आप बच्चे की रीढ़ का निचला हिस्सा नज़दीक से देख पाएंगी। चमकदार सफेद हड्डियां उसकी रीढ़ की हड्डी की सुरक्षा करती हैं। डॉक्टर इंची टेप या अल्ट्रासाउंड का इस्तेमाल करके आपके पेट का आकार भी माप सकते हैं। पेट का आकार मापने से डॉक्टर को किसी समस्या आदि को पहचानने में मदद मिलती है। अगर आपके पेट के आकार और प्रेगनेंसी में कोई असमानता पायी जाती है, तो डॉक्टर आपको अल्ट्रासाउंड टेस्ट कराने का आदेश दे सकते हैं।
31वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स - Tips for 31 weeks pregnancy in Hindi

इस सप्ताह के दौरान आपका वज़न स्थिर गति से बढ़ता है। इस बिंदु पर तेजी से वजन में वृद्धि कुछ महिलाओं के लिए भावनात्मक रूप से स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसीलिए इस चरण पर आपके आस पास लोगों, पति और प्रियजनों का होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इससे आपको यह एहसास होता है कि आप जो अनुभव कर रहे हैं, आप के साथ साथ और लोग भी कर रहे हैं।
प्रेगनेंसी के इकत्तीसवें हफ्ते में डाइट - Diet in 31st week of pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी के 31वें हफ्ते अर्थात तीसरी तिमाही की डाइट 29वें और 30वें हफ्ते की डाइट के समान ही होती है। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें। इसके साथ ही अब से आपको प्रतिदिन कम से कम 300 कैलोरी का सेवन करना शुरु कर देना चाहिए ताकि गर्भावस्था में कोई समस्या न आये क्योंकि अब आपको अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होगी।
कुछ खाद्य पदार्थों में पानी की मात्रा अधिक होती है, उनका सेवन अधिक करें।
अतिरिक्त कैलोरी के लिए दिनभर में करने वाले भोजन के अलावा भी कुछ और कैलोरीयुक्त चीज़ों का सेवन करें। (और पढ़ें - गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या ना खाएं)
बादाम का दूध, सेब और गाजर, चुकंदर का रस आदि पिएं। (और पढ़ें - गर्भावस्था में ये हेल्दी जूस हैं काफी फायदेमंद)
शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले पेय पदार्थों का सेवन भी कर सकती हैं। (और पढ़ें - गर्भावस्था के बाद खिचाव के निशान को दूर करने का आयुर्वेदिक समाधान)

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